Friday, 19 June 2015

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                भारत के सम्मान/ पुरस्कार 

भारत रत्न -

भारत रत्न भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान है। यह सम्मान राष्ट्रीय सेवा के लिए दिया जाता है। इन सेवाओं में कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा और खेल शामिल है। इस सम्मान की स्थापना 2 जनवरी 1954 में भारत के तत्कालीन राष्ट्रपति श्री राजेंद्र प्रसाद द्वारा की गई थी। अन्य अलंकरणों के समान इस सम्मान को भी नाम के साथ पदवी के रूप में प्रयुक्त नहीं किया जा सकता। प्रारम्भ में इस सम्मान को मरणोपरांत देने का प्रावधान नहीं था, यह प्रावधान 1955 में बाद में जोड़ा गया। तत्पश्चात 12 व्यक्तियों को यह सम्मान मरणोपरांत प्रदान किया गया। सुभाष चन्द्र बोस को घोषित सम्मान वापस लिए जाने के उपरान्त मरणोपरान्त सम्मान पाने वालों की संख्या 11 मानी जा सकती है। एक वर्ष में अधिकतम तीन व्यक्तियों को ही भारत रत्न दिया जा सकता है।

पदक
मूल रूप में इस सम्मान के पदक का डिजाइन 35 मिमि गोलाकार स्वर्ण मैडल था। जिसमें सामने सूर्य बना था, ऊपर हिन्दी में भारत रत्न लिखा था और नीचे पुष्प हार था। और पीछे की तरफ़ राष्ट्रीय चिह्न और मोटो था। फिर इस पदक के डिज़ाइन को बदल कर तांबे के बने पीपल के पत्ते पर प्लेटिनम का चमकता सूर्य बना दिया गया। जिसके नीचे चाँदी में लिखा रहता है "भारत रत्न" और यह सफ़ेद फीते के साथ गले में पहना जाता है।

भारत रत्न प्राप्त व्यक्ति - 
क्रम वर्ष नाम जीवन
१. १९५४ - डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन (५ सितंबर, १८८८ – १७ अप्रैल, १९७५)
२. १९५४ - चक्रवर्ती राजगोपालाचारी (१० दिसम्बर, १८७८ - २५ दिसम्बर, १९७२)
३. १९५४ - डॉक्टर चन्‍द्रशेखर वेंकटरमण (७ नवंबर, १८८८ - २१ नवंबर, १९७०)
४. १९५५ - डॉक्टर भगवान दास (१२ जनवरी, १८६९ - १८ सितंबर, १९५८)
५. १९५५ - सर डॉ॰ मोक्षगुंडम विश्वेश्वरय्या (१५ सितंबर, १८६० - १२ अप्रैल, १९६२)
६. १९५५ - पं. जवाहर लाल नेहरु (१४ नवंबर, १८८९ - २७ मई, १९६४)
७. १९५७ - गोविंद वल्लभ पंत (१० सितंबर, १८८७ - ७ मार्च, १९६१)
८. १९५८ - डॉ॰ धोंडो केशव कर्वे (१८ अप्रैल, १८५८ – ९ नवंबर, १९६२)
९. १९६१ - डॉ॰ बिधन चंद्र रॉय (१ जुलाई, १८८२ - १ जुलाई, १९६२)
१०. १९६१ - पुरूषोत्तम दास टंडन (१ अगस्त, १८८२ - १ जुलाई, १९६२)
११. १९६२ - डॉ॰ राजेंद्र प्रसाद (३ दिसम्बर, १८८४ - २८ फरवरी, १९६३)
१२. १९६३ - डॉ॰ जाकिर हुसैन (८ फरवरी, १८९७ - ३ मई, १९६९)
१३. १९६३ - डॉ॰ पांडुरंग वामन काणे (१८८०-१९७२)
१४. १९६६ - लाल बहादुर शास्त्री (२ अक्टूबर, १९०४ - ११ जनवरी, १९६६), मरणोपरान्त
१५. १९७१ - इंदिरा गाँधी (१९ नवंबर, १९१७ - ३१ अक्टूबर, १९८४)
१६. १९७५ - वराहगिरी वेंकट गिरी (१० अगस्त, १८९४ - २३ जून, १९८०)
१७. १९७६ - के. कामराज (१५ जुलाई, १९०३ - १९७५), मरणोपरान्त
१८. १९८० - मदर टेरेसा (२७ अगस्त, १९१० - ५ सितंबर, १९९७)
१९. १९८३ - आचार्य विनोबा भावे (११ सितंबर, १८९५ - १५ नवंबर, १९८२), मरणोपरान्त
२०. १९८७ - खान अब्दुल गफ्फार खान (१८९० - २० जनवरी, १९८८), प्रथम गैर-भारतीय
२१. १९८८ - एम जी आर (१७ जनवरी, १९१७ - २४ दिसम्बर, १९८७), मरणोपरान्त
२२. १९९० - डॉ॰ भीमराव रामजी आंबेडकर (१४ अप्रैल, १८९१ - ६ दिसम्बर, १९५६), मरणोपरान्त
२३. १९९० - नेल्सन मंडेला (१८ जुलाई, १९१८), द्वितीय गैर-भारतीय
२४. १९९१ - राजीव गांधी (२० अगस्त, १९४४ - २१ मई, १९९१), मरणोपरान्त
२५. १९९१ - सरदार वल्लभ भाई पटेल (३१ अक्टूबर, १८७५ - १५ दिसम्बर, १९५०), मरणोपरान्त
२६. १९९१ - मोरारजी देसाई (२९ फरवरी, १८९६ - १० अप्रैल, १९९५)
२७. १९९२ - मौलाना अबुल कलाम आज़ाद (११ नवंबर, १८८८ - २२ फरवरी, १९५८), मरणोपरान्त
२८. १९९२ - जे आर डी टाटा (२९ जुलाई, १९०४ - २९ नवंबर, १९९३)
२९. १९९२ - सत्यजीत रे (२ मई, १९२१ - २३ अप्रैल, १९९२)
३०. १९९७ - अब्दुल कलाम (१५ अक्टूबर, १९३१)
३१. १९९७ - गुलजारी लाल नंदा (४ जुलाई, १८९८ - १५ जनवरी, १९९८)
३२. १९९७ - अरुणा असाफ़ अली (१६ जुलाई, १९०९ - २९ जुलाई, १९९६), मरणोपरान्त
३३. १९९८ - एम एस सुब्बुलक्ष्मी (१६ सितंबर, १९१६ - ११ दिसम्बर, २००४)
३४. १९९८ - सी सुब्रामनीयम (३० जनवरी, १९१० - ७ नवंबर, २०००)
३५. १९९८ - जयप्रकाश नारायण (११ अक्टूबर, १९०२ - ८ अक्टूबर, १९७९), मरणोपरान्त
३६. १९९९ - पं. रवि शंकर (७ अप्रैल, १९२०)
३७. १९९९ - अमृत्य सेन (३ नवंबर, १९३३)
३८. १९९९ - गोपीनाथ बोरदोलोई (१८९०-१९५०), मरणोपरान्त
३९. २००१ - लता मंगेशकर (२८ सितंबर, १९२९)
४०. २००१ - उस्ताद बिस्मिल्ला ख़ां (२१ मार्च, १९१६ - २१ अगस्त, २००६)
४१. २००८ - पं.भीमसेन जोशी (४ फरवरी, १९२२ -२५ जनवरी, २०११)
४२. २०१३ सी॰ एन॰ आर॰ राव (३० जून, १९३४- अब तक), १६ नवम्बर को घोषित
४३. २०१३ सचिन तेंदुलकर (२४ अप्रैल, १९७३- अब तक), १६ नबंबर को घोषित

2. परमवीर चक्र  -

परमवीर चक्र भारत का सर्वोच्च सैन्य अलंकरण है जो दुश्मनों की उपस्थिति में उच्च कोटि की शूरवीरता एवं त्याग के लिए प्रदान किया जाता है। ज्यादातर स्थितियों में यह सम्मान मरणोपरांत दिया गया है। इस पुरस्कार की स्थापना 26 जनवरी 1950 को की गयी थी जब भारत गणराज्य घोषित हुआ था। भारतीय सेना के किसी भी अंग के अधिकारी या कर्मचारी इस पुरस्कार के पात्र होते हैं एवं इसे देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न के बाद सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समझा जाता है।

संख्या नाम रेजीमेंट तिथि स्थान टिप्पणी
IC-521 मेजर सोमनाथ शर्मा चौथी बटालियन, कुमाऊँ रेजीमेंट 3 नवंबर, 1947 बड़गाम, कश्मीर मरणोपरांत
IC-22356 लांस नायक करम सिंह पहली बटालियन, सिख रेजीमेंट 13 अक्टूबर, 1948 टिथवाल, कश्मीर
SS-14246 सेकेंड लेफ़्टीनेंट राम राघोबा राणे इंडियन कार्प्स आफ इंजिनयर्स 8 अप्रैल, 1948 नौशेरा, कश्मीर
27373 नायक यदुनाथ सिंह पहली बटालियन, राजपूत रेजीमेंट फरवरी 1948 नौशेरा, कश्मीर मरणोपरांत
2831592 कंपनी हवलदार मेजर पीरू सिंह छ्ठी बटालियन, राजपूताना राइफल्स 17-18 जुलाई,1948 टिथवाल, कश्मीर मरणोपरांत
IC-8497 कैप्टन गुरबचन सिंह सलारिया तीसरी बटालियन, गुरखा राइफल्स 5 दिसम्बर, 1961 एलिजाबेथ विले, काटंगा, कांगो मरणोपरांत
IC-7990 मेजर धनसिंह थापा पहली बटालियन, गुरखा राइफल्स 20 अक्टूबर, 1962 लद्दाख,
JC-4547 सूबेदार जोगिंदर सिंह पहली बटालियन, सिख रेजीमेंट 23 अक्टूबर, 1962 तोंगपेन ला, नार्थ इस्ट फ्रंटियर एजेंसी, भारत मरणोपरांत
IC-7990 मेजर शैतान सिंह तेरहवीं बटालियन, कुमाऊँ रेजीमेंट 18 नवंबर, 1962 रेजांग ला मरणोपरांत
2639885 कंपनी क्वार्टर मास्टर हवलदार अब्दुल हामिद चौथी बटालियन, बाम्बे ग्रेनेडियर्स 10 सितंबर, 1965 चीमा, खेमकरण सेक्टर मरणोपरांत
IC-5565 लेफ्टीनेंट कर्नल आर्देशिर तारापोर द पूना हार्स 15 अक्टूबर, 1965 फिलौरा, सियालकोटा सेक्टर, पाकिस्तान मरणोपरांत
4239746 लांस नायक अलबर्ट एक्का चौदहवीं बटालियन, बिहार रेजीमेंट 3 दिसम्बर, 1971 गंगासागर मरणोपरांत
10877 F(P) फ्लाईंग आफिसर निर्मलजीत सिंह सेखों अठारहवीं स्क्वैड्रन, भारतीय वायुसेना 14 दिसम्बर,1971 श्रीनगर, कश्मीर मरणोपरांत
IC-25067 लेफ्टीनेंट अरुण क्षेत्रपाल पूना हार्स 16 दिसम्बर,1971 जरपाल, शकरगढ सेक्टर मरणोपरांत
IC-14608 मेजर होशियार सिंह तीसरी बटालियन, बाम्बे ग्रेनेडियर्स 17 दिसम्बर,1971 बसंतार नदी, शकरगढ सेक्टर
JC-155825 नायब सूबेदार बन्ना सिंह आठवीं बटालियन, जम्मू कश्मीर लाइट इनफेन्ट्री 23 जून, 1987 सियाचिन ग्लेशियर, जम्मू कश्मीर
IC-32907 मेजर रामास्वामी परमेश्वरन आठवीं बटालियन, मेहर रेजीमेंट 25 नवंबर, 1987 श्रीलंका मरणोपरांत
IC-56959 लेफ्टीनेंट मनोज कुमार पांडे प्रथम बटालियन, ग्यारहवीं गोरखा राइफल्स 3 जुलाई, 1999 जुबेर टाप, बटालिक सेक्टर, कारगिल क्षेत्र, जम्मू कश्मीर मरणोपरांत
2690572 ग्रेनेडियर योगेन्द्र सिंह यादव अठारहवीं बटालियन, द ग्रेनेडियर्स 4 जुलाई, 1999 टाइगर हिल्स, कारगिल क्षेत्र
13760533 राइफलमैन संजय कुमार तेरहवीं बटालियन, जम्मू कश्मीर राइफल्स 5 जुलाई, 1999 फ्लैट टाप क्षेत्र, कारगिल
IC-57556 कैप्टन विक्रम बत्रा तेरहवीं बटालियन, जम्मू कश्मीर राइफल्स 6 जुलाई, 1999 प्वाइंट 5140, प्वाइंट 4875, कारगिल क्षेत्र मरणोपरांत

3. गांधी शांति पुरस्कार-

भारत सरकार द्वारा अंतर्राष्ट्रीय गाँधी शांति पुरस्कार भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नाम पर दिया जाने वाला वार्षिक पुरस्कार है। गांधी जी के शांति सिद्धांतों को श्रद्धांजलि स्वरूप, भारत सरकार ने यह पुरस्कार १९९५ में उनके १२५वें जन्म-दिवस पर आरंभ किया था। यह वार्षिक पुरस्कार उन व्यक्तियों या संस्थाओं को दिया जाता है, जिन्होंने सामाजिक, आर्थिक एवं राजनीतिक बदलावों को अहिंसा एवं अन्य गांधीवादी तरीकों द्वारा प्राप्त किया है। पुरस्कार में १ करोड़ रुपये की धनराशि, प्रशस्तिपत्र और एक उत्तरीय दी जाती है। यह सभी राष्ट्रों, जातियों, लिंग के लोगों के लिए खुला है। प्रथम गाँधी शांति पुरस्कार १९९५ में तंजानिया के प्रथम राष्ट्रपति के जूलियस नायरेरे को प्रदान किया गया था। २००९ में यह पुरस्कार द चिल्ड्रेन्स लीगल सेंटर को दुनिया भर में बाल मानवाधिकार को बढ़ावा देने के लिए दिया गया।

प्राप्तकर्ता -
क्रम वर्ष नाम विवरण
१. १९९५ जूलियस नायरेरे तंजानिया के प्रथम राष्ट्रपति
२. १९९६ ए टी अरियारत्ने सर्वोदय श्रमदान आंदोलन के संस्थापक
३. १९९७ गेर्हार्ड फिशर कोढ़ एवं पोलियो पर इनके शोध के ल्लिए प्रसिद्ध
४. १९९८ रामकृष्ण मिशन स्वामी विवेकानंद द्वारा स्थापित
५. १९९९ बाबा आम्टे समाज सेवक
६. २००० नेल्सन मंडेला (सह-प्राप्तकर्ता) दक्षिण अफ़्रीका के राष्ट्रपति (भूतपूर्व)
७. २००० ग्रामीण बैंक (सह-प्राप्तकर्ता) मुहम्मद यूनुस द्वारा स्थापित
८. २००१ जॉन ह्यूम उत्तरी आयरिश राजनीतिज्ञ
९. २००२ भारतीय विद्या भवन
१०. २००३ वैक्लेव हैवेल चेकोस्लोवाकिया के अंतिम और चेक गणराज्य के प्रथम राष्ट्रपति
११. २००४ कोरेट्टा स्कॉट किंग मार्टिन लूथर किंग की विधवा
१२. २००५ डेस्मंड टूटू दक्षिण अफ़्रीका के क्लेरिक एवं सक्रिय

4. दादासाहेब फाल्के पुरस्कार-

दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, भारत सरकार की ओर से दिया जाने वाला एक वार्षिक पुरस्कार है, को कि किसी व्यक्ति विशेष को भारतीय सिनेमा में उसके आजीवन योगदान के लिए दिया जाता है | इस पुरस्कार का प्रारंम्भ दादा साहेब फाल्के के जन्म शताब्दी वर्ष १९६९ से हुआ | यह पुरस्कार उस वर्ष के अंत में रास्ट्रीय पुरस्कार के साथ प्रदान किया जाता है |

राष्ट्रीय पुरस्कार वर्ष विजेता कार्यक्षेत्र
१७ वां १९६९ देविका रानी अभिनेत्री
१८ वां १९७० बी. एन. सिकार निर्माता
१९ वां १९७१ पृथ्वी राजकपूर (मरणोंपरांत) अभिनेता
२० वां १९७२ पंकज मलिक संगीतकार
२१ वां १९७३ रूबी मयेर्स (सुलोचना) अभिनेत्री
२२ वां १९७४ बी. नरसिम्हा रेड्डी निर्देशक
२३ वां १९७५ धीरेन्द्र नाथ गांगुली अभिनेता, निर्देशक
२४ वां १९७६ कानन देवी अभिनेत्री
२५ वां १९७७ नितिन बोस छायाकार, निर्देशक, लेखक
२६ वां १९७८ रायचंद बोराल संगीतकार, निर्देशक
२७ वां १९७९ सोहराब मोदी अभिनेता, निर्देशक, निर्माता
२८ वां १९८० पैदी जयराज अभिनेता, निर्देशक
२९ वां १९८१ नौशाद अली संगीतकार
३० वां १९८२ एल. वी. प्रसाद अभिनेता, निर्माता, निर्देशक
३१ वां १९८३ दुर्गा खोटे अभिनेत्री
३२ वां १९८४ सत्यजीत रे निर्देशक
३३ वां १९८५ वी. शांताराम अभिनेता, निर्माता, निर्देशक
३४ वां १९८६ बी. नेगी रेड्डी निर्माता
३५ वां १९८७ राज कपूर अभिनेता, निर्देशक
३६ वां १९८८ अशोक कुमार अभिनेता
३७ वां १९८९ लता मंगेशकर पार्श्वगायिका
३८ वां १९९० ऐ. नागेश्वेरा राव अभिनेता
३९ वां १९९१ भालजी पेंढारकर निर्देशक, निर्माता, लेखक
४० वां १९९२ भूपेन हजारिका पार्श्वगायक
४१ वां १९९३ मजरुह सुल्तानपुरी गीतकार
४२ वां १९९४ दिलीप कुमार अभिनेता
४३ वां १९९५ डॉ॰ राजकुमार अभिनेता
४४ वां १९९६ शिवाजी गणेशन अभिनेता
४५ वां १९९७ प्रदीप गीतकार
४६ वां १९९८ बी. आर. चोपडा निर्माता, निर्देशक
४७ वां १९९९ हृषिकेश मुखर्जी निर्देशक
४८ वां २००० आशा भोंसले पार्श्वगायिका
४९ वां २००१ यश चोपड़ा निर्माता, निर्देशक
५० वां २००२ देव आनंद अभिनेता, निर्माता, निर्देशक
५१ वां २००३ मृणाल सेन निर्देशक
५२ वां २००४ अदूर गोपालकृष्णन निर्देशक
५३ वां २००५ श्याम बेनेगल निर्देशक
५४ वां २००६ तपन सिन्हा निर्देशक
५५ वां २००७ मन्ना डे गायक
५६ वां २००८ वी के मूर्ती छायाकार
५७ वां २००९ डी रामानायडू निर्माता, निर्देशक
५८ वां २०१० के. बालाचन्दर् न निर्देशक
५९ वां २०११ सौमित्र  चटर्जी अभिनेता
६० वां २०१२ प्राण 
अभिनेता

5. ज्ञानपीठ पुरस्कार -

ज्ञानपीठ पुरस्कार भारतीय ज्ञानपीठ न्यास द्वारा भारतीय साहित्य के लिए दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है।भारत का कोई भी नागरिक जो आठवीं अनुसूची में बताई गई २२ भाषाओं में से किसी भाषा में लिखता हो इस पुरस्कार के योग्य है। पुरस्कार में पांच लाख रुपये की धनराशि, प्रशस्तिपत्र और वाग्देवी की कांस्य प्रतिमा दी जाती है। १९६५ में १ लाख रुपये की पुरस्कार राशि से प्रारंभ हुए इस पुरस्कार को २००५ में ७ लाख रुपए कर दिया गया। २००५ के लिए चुने गये हिन्दी साहित्यकार कुंवर नारायण पहले व्यक्ति थे जिन्हें ७ लाख रुपए का ज्ञानपीठ पुरस्कार प्राप्त हुआ। प्रथम ज्ञानपीठ पुरस्कार १९६५ में मलयालम लेखक जी शंकर कुरुप को प्रदान किया गया था। उस समय पुरस्कार की धनराशि १ लाख रुपए थी। १९८२ तक यह पुरस्कार लेखक की एकल कृति के लिये दिया जाता था। लेकिन इसके बाद से यह लेखक के भारतीय साहित्य में संपूर्ण योगदान के लिये दिया जाने लगा। अब तक हिन्दी तथा कन्नड़ भाषा के लेखक सबसे अधिक सात बार यह पुरस्कार पा चुके हैं। यह पुरस्कार बांग्ला को ५ बार, मलयालम को ४ बार, उड़िया, उर्दू और गुजराती को तीन-तीन बार, असमिया, मराठी, तेलुगू, पंजाबी और तमिल को दो-दो बार मिल चुका है।

वर्ष नाम कृति भाषा
१९६1965 जी शंकर कुरुप ओटक्कुष़ल (वंशी) मलयालम
१९६६ ताराशंकर बंधोपाध्याय गणदेवता बांग्ला
१९६७ के.वी. पुत्तपा श्री रामायण दर्शणम कन्नड़
१९६७ उमाशंकर जोशी निशिता गुजराती
१९६८ सुमित्रानंदन पंत चिदंबरा हिन्दी
१९६९ फ़िराक गोरखपुरी गुल-ए-नगमा उर्दू
१९७० विश्वनाथ सत्यनारायण रामायण कल्पवरिक्षमु तेलुगु
१९७१ विष्णु डे स्मृति शत्तो भविष्यत बांग्ला
१९७२ रामधारी सिंह दिनकर उर्वशी हिन्दी
१९७३ दत्तात्रेय रामचंद्र बेन्द्रे नकुतंति कन्नड़
१९७३ गोपीनाथ महान्ती माटीमटाल उड़िया
१९७४ विष्णु सखाराम खांडेकर ययाति मराठी
१९७५ पी.वी. अकिलानंदम चित्रपवई तमिल
१९७६ आशापूर्णा देवी प्रथम प्रतिश्रुति बांग्ला
१९७७ के. शिवराम कारंत मुक्कजिया कनसुगालु कन्नड़
१९७८ अज्ञेय कितनी नावों में कितनी बार हिन्दी
१९७९ बिरेन्द्र कुमार भट्टाचार्य मृत्यंजय असमिया
१९८० एस.के. पोत्ताकट ओरु देसात्तिन्ते कथा मलयालम
१९८१ अमृता प्रीतम कागज ते कैनवास पंजाबी
१९८२ महादेवी वर्मा यामा हिन्दी
१९८३ मस्ती वेंकटेश अयंगार कन्नड़
१९८४ तकाजी शिवशंकरा पिल्लै मलयालम
१९८५ पन्नालाल पटेल गुजराती
१९८६ सच्चिदानंद राउतराय ओड़िया
१९८७ विष्णु वामन शिरवाडकर कुसुमाग्रज मराठी
१९८८ डॉ॰सी नारायण रेड्डी तेलुगु
१९८९ कुर्तुलएन हैदर उर्दू
१९९० वी.के.गोकक कन्नड़
१९९१ सुभाष मुखोपाध्याय बांग्ला
१९९२ नरेश मेहता हिन्दी
१९९३ सीताकांत महापात्र ओड़िया
१९९४ यू.आर. अनंतमूर्ति कन्नड़
१९९५ एम.टी. वासुदेव नायर मलयालम
१९९६ महाश्वेता देवी बांग्ला
१९९७ अली सरदार जाफरी उर्दू
१९९८ गिरीश कर्नाड कन्नड़
१९९९ निर्मल वर्मा हिन्दी
१९९९ गुरदयाल सिंह पंजाबी
२००० इंदिरा गोस्वामी असमिया
२००१ राजेन्द्र केशवलाल शाह गुजराती
२००२ दण्डपाणी जयकान्तन तमिल
२००३ विंदा करंदीकर मराठी
२००४ रहमान राही[5] कश्मीरी
२००५ कुँवर नारायण हिन्दी
२००६ रवीन्द्र केलकर कोंकणी
२००६ सत्यव्रत शास्त्री संस्कृत
२००७ ओ.एन.वी. कुरुप मलयालम
२००८ अखलाक मुहम्मद खान शहरयार उर्दू
२००९ अमरकान्त व श्रीलाल शुक्ल को संयुक्त रूप से दिया गया। हिन्दी
२०१० चन्द्रशेखर कम्बार कन्नड
२०११ प्रतिभा राय ओड़िया
२०१२ रावुरी भारद्वाज तेलुगू
२०१३ केदारनाथ सिंह हिन्दी

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