Wednesday, 9 August 2017

रेलवे में संरक्षा के दो लाख 87 हज़ार पद रिक्त

आल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन व एनई रेलवे मजदूर यूनियन के केन्द्रीय महामंत्री केएल गुप्ता ने कहा कि रेलवे काफी कठिन दौर से गुजर रही है। धीरे-धीरे तमाम विभागों को ठेके पर दिये जा रहा है, जिससे रेलवे की संरक्षा बाधित हो रही है बल्कि कार्य की गुणवत्ता पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। 
रेलवे में संरक्षा के दो लाख 87 हज़ार पद रिक्त

उन्होंने रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण विभाग संरक्षा में दो लाख 87 हजार पद रिक्त है। ट्रेनों की संख्या बढ़ रही, लेकिन कर्मचारियों की संख्या घट रही है। ऐसे में संरक्षा खतरे में पड़ गयी है।श्री गुप्ता बुधवार को मवैया स्थित सीडीओ कार्यालय के निकट रेलकर्मियों को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आलम यह है कि रेलवे भर्ती बोर्ड व रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ में दो सालों से भर्तियां बंद है, जिससे की संरक्षा से जुड़े पदों का बैकलॉग हो गया है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार कर्मचारियों से छल कर रही है। 
सरकार ने पे-कमीशन की रिपोर्ट को जनवरी 2016 से लागू किया और भत्तों को जुलाई 2017 से दिए जो कर्मचारियों के साथ धोखा है।एनई रेलवे मजदूर यूनियन के केन्द्रीय अध्यक्ष बसंत लाल चतुव्रेदी ने भारत सरकार देश के 24 बड़े स्टेशनों को ठेके पर देने जा रही है, और लगभग दो सौ स्टेशनों के ठेके पर दिए जाने का प्रस्ताव है, जो रेलवे को बेचने की साजिश है। उन्होंने कहा कि मंडल में कर्मचारियों की भारी कमी है, इसी कारण कर्मचारियों को आठ के स्थान पर 12 घंटे काम करना पड़ रहा है। यूनियन के मंडल मंत्री एके वर्मा ने कहा कि अफसरों के तानाशाहीपूर्ण रवैये से कर्मचारियों में रोष है।


Click Here to Join SSC CGL 2017 Preparation Group




Share:

0 comments: